गोवर्धन पूजा निबंध
'गोवर्धन पूजा' हिंदुओं का प्रसिद्द त्यौहार है। यह सम्पूर्ण भारत में मनाया जाता है किन्तु उत्तर भारत में इसका विशेष महत्त्व है। यह पांच दिन के दीवाली त्यौहार के चौथे दिन एवं सामान्यतया दीवाली के अगले दिन पड़ता है। यह हिन्दू कैलेण्डर के अनुसार कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की पहली तिथि को मनाया जाता है।
गोवर्धन पूजा कब-क्यों मनाई जाती है?
गोवर्धन पूजा, भगवान् श्रीकृष्ण एवं गोवर्धन पर्वत की पूजा का दिन है। भगवान् श्रीकृष्ण ने इस दिन गोवर्धन पर्वत को उंगली के छोर पर उठाकर ग्रामवासिओं की रक्षा की थी जिस कारण इस त्यौहार को मनाया जाता है।
गोवर्धन पूजा का त्यौहार Annakut के रूप में मनाया जाता है।
लोग ऐसे में गेहूं, चावल, बेसन और पत्तेदार सब्जियों की करी के रूप में अनाज का खाना बनाने के क्रम में हिंदू भगवान कृष्ण की पेशकश करने से गोवर्धन पूजा मनाते हैं।
गोवर्धन पूजा का महत्व
ऐसा माना जाता है कि ये उत्सव खुशी का उत्सव है और इस दिन जो दुखी रहेगा तो वो वर्ष भर दुखी ही रहेगा। इस दिन खुश रहने वाला व्यक्ति वर्ष भर खुश रहेगा। इसलिए इस गोवर्धन पूजा करना बहुत ही जरूरी है।
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Saturday, November 30, 2019
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